June 22, 2024 6:34 am

विपक्ष की कई ऐसी पार्टियां हैं, जिन्हें न सत्ताधारी गठबंधन एनडीए (NDA) न विपक्षी दलों ने आईएनडीआईए (I.N.D.I.A) ने पूछा

पटना: सत्ताधारी गठबंधन एनडीए (NDA) का मुकाबला करने के लिए 26 विपक्षी दलों ने आईएनडीआईए (I.N.D.I.A) तो बना लिया, लेकिन विपक्ष की कई ऐसी पार्टियां हैं, जिन्हें न एनडीए ने पूछा और न विपक्षी गठबंधन ने। बिहार में हर संकट की स्थिति में जनता के बीच सबसे पहले पहुंचने वाले जन अधिकार पार्टी (JAAP) के नेता पप्पू यादव कई बार इच्छा जता चुके हैं कि वे विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बनना चाहते हैं। पर, उन्हें दूसरी बैठक से भी विपक्षी गठबंधन ने दूर रखा। यही हाल मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी (VIP) का भी है। बीजेपी के करीब होने के बावजूद दिल्ली में एनडीए के बैनर तले 38 दल जुटे, लेकिन मुकेश सहनी शामिल नहीं हुए। वे न्यौते का इंतजार करते रहे। अगर दोनों गठबंधनों में शामिल होने से बच गए दल कोई नया मोर्चा बना लें तो आश्चर्य की बात नहीं होगी। मोर्चा न भी बने और ये अलग-अलग चुनाव लड़े तो विपक्षी वोटों का ही बंटाधार करेंगे। बिहार विधानसभा में यह प्रयोग मायावती की पार्टी बीएसपी (BSP) कर चुकी है। उपेंद्र कुशवाहा को गठबंधन का नेता बना कर बीएसपी ने बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा था।

लालू से मिले थे JAAP सुप्रीमो पप्पू यादव
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद लालू यादव जब पटना लौटे तो उनसे जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने विपक्षी गठबंधन में शामिल होने की इच्छा भी जताई थी। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने संबंधों का हवाला देकर उसके नेताओं से भी अपील की थी कि विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बन कर उन्हें खुशी होगी। अपने इंटरव्यू और बयानों में भी पप्पू यादव लालू, नीतीश और कांग्रेस से अपील करते दिखे कि उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल किया जाए। विपक्षी दलों की पहली बैठक तो पटना में ही हुई, पर पप्पू को नहीं बुलाया गया। बेंगलुरु में होने वाली दूसरी बैठक से उन्हें पक्की उम्मीद थी कि बुलाया जाएगा, लेकिन इस बार भी उन्हें अवसर नहीं मिल पाया। पप्पू यादव की पत्नी कांग्रेस में हैं। इसलिए कांग्रेस की सीढ़ी उनके काम आ सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।